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    Friday, 7 August 2015

    सातवाँ वेतन आयोग- वेतन में होगी बढोतरी पर रिटायरमेंट आयु कौ लेकर असमंजस बरकरार - 60 वर्ष या फिर 33 वर्ष सेवा

    नयी दिल्ली: - एक जनवरी 2016 से लागू होने जाने सातवें वेतन आयोग का लाभ 50 लारव केद्रीय कर्मचारियों और लगभग 30 लारव पेंशनर्स को मिलने वाला है । केद्रीय कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग का गठन पिछले बर्ष फरवरी 2014 में हुआ था । वेतन आयंग्ग के सरकार ने 15 माह की अवधि का समय दिया था । इसी बीच वेतन आयोग ने तकरीबन सभी प्रिकियाए पुरी कर ली है और अपने अंतिम चराग पे आ पहुचा है । वेतन आयोग ने अपनी वेबसाइट पे जो नया अपडेट डालना है उसमे रुगफ़ कर दिया है कि वेतन आयोग अब किसी भी संस्था से भेट नहीं कोमा और किसी को भी अब समय नहीं दिया जाएगा। वेतन आयोग ने यह भी साफ़ कर दिया है कि रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है । उम्मीद के जा रही है कि वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट अगस्त माह में सरकार का सौप सकता है। और सरकार रिपोर्ट का अध्यन करने के दो तीन महीने बाद इसे 1.01.2016 से लागू कर सकती है । केद्रीय कर्मचारियों को बकाया राशी का भुगतान सरकार को ना करना पड़े इस लिए भी सरकार वेतन आयोग को जल्द से जल्द लागू करना चाहेगी । अगर संब कुछ ठीक ठाक रहा और वन रेंक वन पेशन का मुद्दा वेतन आयोग के दायरे में शामिल नहीं किया जाता तो वेतन आयोग का समय पर आना महज औपचारिकता मात्र रह जायेगा और एक जनवरी 2016 से केद्रीय कर्मचारियों की जेबें गर्म हो जाएगी ।




    वेतन आयोग के गठन से लेकर आल लक बहुत कुछ लिखा जा चूका है, यह पहला वेतन आयोग है जो सोशल मीडिया यानि की फेसबुक और व्हाट्स एप के दोर में लागू होने की प्रक्रिया में चल रहा है । यह तो जाहिर है कि सोशल मीडिया का प्रकोप वेतन आयोग पे पड़ना लाजमी था और ऐसा हुआ भी और जोरशोर से हुआ । वेतन आयोग की रिपोर्टमे क्या है और क्या नहीं यह तो उपर वाला ही जानता है या फिर वेतन आयोग के सदस्य लेकिन तारीफ़ करनी होगी सोशल मीडिया के भाइयों के जिन्होंने वेतन प्रयोग के वेतनमान वेतन आयोग के गठन के मात्र एक महीने के अंदर अंदर जगजाहिर भी कर दिए थे और यह सिलसिला आज भी थमा नहीं है। पर इतना जरुर है कि सोशल मीडिया ने केद्रीय कर्मचारियों की रूचि वेतन आयोग में कम नहीं होने ही । यह रुचि गठन से लेकर आज तक जारी है और शायद आठवें वेतन आयोग के गठन तक जारी रहने वाली है ।

    एक जनवरी 2016 से लागू होने वाले सातवें वेतन आयोग का लाभ 50 लाख केद्रीय कर्मचारियों और लगभग 30 लाख पेशनर्स को मिलने वाला है । यह भी सुनने में आ रहा कि वेतन आयोग ग्रेड पे और पे बैंड का सिस्टम खत्म करने जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो वेतन आयोग में अनगिनत विसंगतियां आने वाली हैं और वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में उन विसंगतियों से कैसे निपटारा किया होगा यह देखने वाली और दिलचस्प बात होगी। क्योंकि ग्रेड पे रवत्म करने से एमएसपी ने नियम में भी बदलाव वेतन आयोग को करने पड़ेगे । लेकिन एक विषय में जानकारी जो निकल कर सामने आ रहीं है और केद्रीय कर्मचारियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है वो है रिटायरमेंट आयु। सुनने में आ रहा है कि वेतन आयोग सरकार को सिफारिश कर सकता है कि कर्मचारी या तो 60 वर्ष की आयु या फिर 33 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर रिटायर हो। अब यह कहा तक सही होता है यह तो समय ही बताएगा पर पांचवे वेतन आयोग कीं रिटायरमेंट आयु 60 बर्ष की सिफारिश सरकार ने मान ली थी। दिलचस्प बात यह है के तब भी एनडीए की सरकार थी और अब भी एनडीए के सरकार है। अब देखना यह है कि वेतन आयोग रिटायरमेंट आयु पर सिफारिश करता है या नहीं। रवुशी की बात यह है कि इन्तजार लम्बा नहीं होगा, क्योंकि जल्द आ रही है वेतन आयोग के रिपोर्ट।

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